नई दिल्ली: राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों पर मतदान कराया गया।
निर्विरोध सीटों का गणित
इन 26 निर्विरोध चुने गए सांसदों में:
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14 सांसद NDA के हैं (जिनमें 7 भाजपा के)
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12 सांसद विपक्ष के हैं
यहां तक मुकाबला लगभग संतुलित नजर आ रहा था, लेकिन मतदान वाले राज्यों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
बिहार में NDA का क्लीन स्वीप
बिहार की 5 सीटों पर हुए चुनाव में NDA (भाजपा+) ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की।
इस दौरान कांग्रेस की रणनीति उलटी पड़ती नजर आई, जिससे विपक्ष को नुकसान उठाना पड़ा।

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ओडिशा में क्रॉस वोटिंग से BJP को फायदा
ओडिशा में 4 में से 4 सीटें BJP के खाते में गईं।
यहां भारी क्रॉस वोटिंग देखने को मिली, जिसने चुनाव परिणाम को पूरी तरह प्रभावित किया।
हरियाणा में बराबरी की टक्कर
हरियाणा की 2 सीटों में से 1 सीट BJP और 1 सीट कांग्रेस को मिली, जिससे यहां मुकाबला संतुलित रहा।
NDA को कुल 9 सीटों का फायदा
पहले रिटायर हो रहे 37 सांसदों में:
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15 सांसद NDA के थे
लेकिन नए चुनाव के बाद:
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37 में से 24 सीटें अब NDA के पास हैं
यानी इस चुनाव में NDA को कुल 9 सीटों का सीधा फायदा हुआ है, जो उसे राज्यसभा में और मजबूत बनाता है।
राजनीतिक मायने
इस परिणाम के बाद संसद के उच्च सदन में NDA की स्थिति और मजबूत हो गई है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह बढ़त आने वाले विधायी फैसलों और नीतियों पर भी असर डाल सकती है।