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झारखंड में सामान्य से 62% कम बारिश, 30 जून और 1 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट | Jharkhand Weather Update

Jharkhand Weather Update

Ranchi : झारखंड में इस वर्ष मानसून की चाल सुस्त रहने से किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। 1 जून से 27 जून के बीच राज्य में सामान्य तौर पर लगभग 160 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 61 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में अब तक सामान्य से करीब 62 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

राजधानी रांची का हाल भी कुछ खास बेहतर नहीं है। यहां इस अवधि में सामान्य 168.6 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 125.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो लगभग 25 प्रतिशत कम है। लगातार कम बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में खेत सूखे पड़े हैं, जिससे धान की बुवाई और खरीफ फसलों की तैयारी प्रभावित हो रही है। किसान अब अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार अल नीनो (El Niño) के प्रभाव से मानसून कमजोर बना हुआ है, जिसके कारण राज्यभर में वर्षा का वितरण असमान देखने को मिल रहा है। हालांकि, रविवार सुबह कोडरमा, लातेहार समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

30 जून और 1 जुलाई को भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में झारखंडवासियों को राहत मिलने के संकेत दिए हैं। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जून से 3 जुलाई के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

वहीं 30 जून और 1 जुलाई को मौसम के और अधिक सक्रिय होने की उम्मीद है। इन दो दिनों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, बोकारो, धनबाद, रांची, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई क्षेत्रों में 60 से 100 मिमी तक वर्षा दर्ज होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रभावित जिलों के लिए यलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में होने वाली बारिश के चलते राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

कहीं लू का कहर, तो कहीं बारिश का असर

झारखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह असंतुलित बना हुआ है। एक ओर पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में भीषण गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई अन्य हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई है।

शनिवार को रामगढ़ में सबसे अधिक 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रांची, बोकारो और हजारीबाग में 1-1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कुछ क्षेत्रों में गर्मी से आंशिक राहत मिली।

तापमान की बात करें तो मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां शनिवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसी बीच लोहरदगा जिले में वज्रपात की चपेट में आने से 17 वर्षीय एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे निचले क्षेत्रों में धान की बिचड़ा (नर्सरी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करें, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए वैकल्पिक फसलों की खेती पर भी विचार करें।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगले चार दिन झारखंड में मानसून की सक्रियता के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। यदि इस दौरान अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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