IMD Heavy Rain Alert : बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी, अगले 48 घंटे रहें सतर्क
नई दिल्ली: देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (Deep Depression) और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण कई राज्यों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, बिहार के कई जिलों में 28 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवा चलने की भी आशंका है। निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा छोटी नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।
झारखंड के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 14 जिलों में येलो अलर्ट लागू है। कई स्थानों पर भारी बारिश, वज्रपात और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने निम्न राज्यों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है—
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- पंजाब
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- कर्नाटक के कुछ हिस्से
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन तथा मैदानी इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है।
लोगों के लिए IMD की सलाह
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
- मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट नियमित रूप से देखते रहें।
किसानों के लिए सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, फसल कटाई टालने तथा बिजली गिरने के समय खेतों में काम न करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
अगले दो दिन बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यदि आप इन क्षेत्रों में रहते हैं, तो मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

