नई दिल्ली: देश में चीनी की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई। यानी करीब एक महीने में कीमत में 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली जैसे कुछ बाजारों में खुदरा कीमत ₹60 प्रति किलो से ऊपर पहुंचने की रिपोर्ट भी सामने आई है।
🚨 आखिर चीनी इतनी महंगी क्यों हो रही है?
सरकार के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं। इनमें:
- चीनी का अपेक्षा से कम उत्पादन
- गन्ने की फसल पर मौसम का असर
- त्योहारों से पहले बढ़ती मांग
- वैश्विक चीनी बाजार में सप्लाई का दबाव
- कुछ कारोबारियों द्वारा जमाखोरी की आशंका
शामिल हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हालिया कीमत बढ़ोतरी को केवल ethanol production से जोड़ना सही नहीं है।
📈 एक महीने में कितना बढ़ा Sugar Rate?
| तारीख | औसत कीमत |
|---|---|
| 20 जुलाई 2026 | ₹48.18/kg |
| 20 अगस्त 2026 | ₹55.70/kg |
| बढ़ोतरी | ₹7.52/kg |
यानी लगभग 15.6% की वृद्धि हुई है।
कुछ बाजारों में retail rate इससे भी ज्यादा बताया जा रहा है।
🇮🇳 सरकार ने चीनी के दाम कम करने के लिए क्या किया?
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख metric tonnes यानी 1 million tonnes raw sugar को duty-free import करने की अनुमति दी है।
यह अनुमति 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में supply बढ़ाना और आने वाले festive season में कीमतों को नियंत्रण में रखना है।
भारत आम तौर पर चीनी के आयात पर करीब 100% import duty लगाता है, इसलिए duty-free quota को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
🏪 चीनी की जमाखोरी पर भी सरकार सख्त
सरकार ने bulk consumers के लिए भी sugar stock रखने की सीमा को कड़ा किया है।
1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच 10 metric tonnes से ज्यादा चीनी इस्तेमाल करने वाले bulk consumers को केवल 15 दिनों की जरूरत के बराबर stock रखने की अनुमति होगी।
इसका उद्देश्य festive season में artificial shortage और hoarding को रोकना है।
🍬 क्या आगे चीनी और महंगी होगी?
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कीमतें आगे कितनी बढ़ेंगी या घटेंगी। लेकिन सरकार द्वारा duty-free imports और stock limits लागू करने से supply बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी बताया है कि देश में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त sugar stocks उपलब्ध हैं।
हालांकि मौजूदा season के sugar production estimate में कमी आई है। सरकार के नए अनुमान के मुताबिक उत्पादन करीब 306 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि शुरुआती अनुमान करीब 343 लाख टन था।
🛒 आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
चीनी सिर्फ घरों में इस्तेमाल होने वाली चीज नहीं है। इसके दाम बढ़ने का असर:
- मिठाई
- बेकरी products
- cold drinks
- packaged foods
- restaurants
- चाय-कॉफी
- त्योहारों की मिठाइयों
की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
खासकर आने वाले त्योहारी सीजन में मिठाई बनाने वालों की लागत बढ़ने की संभावना है। गुजरात में मिठाई कारोबारियों ने sugar prices करीब ₹60/kg तक पहुंचने पर चिंता जताई है।