MBS लेबनान में इजरायली हमलों के जारी रहने और Iran-United States के बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने Donald Trump से फोन पर लंबी बातचीत की।

रियाद: Iran और United States के बीच जंगबंदी के बाद भी Lebanon में सीजफायर दोनों पक्षों के बीच बड़ा विवाद बना रहा। Israel ने ईरान के साथ समझौते के बावजूद लेबनान में हमले जारी रखे, जिससे ईरान नाराज़ हो गया और हालात फिर बिगड़ते नजर आने लगे। इससे दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौते की उम्मीदें कमजोर पड़ गई थीं।
करीब 10 दिन तक चले तनाव के बाद आखिरकार गुरुवार को Donald Trump ने लेबनान में सीजफायर का ऐलान किया। इस समझौते के पीछे पर्दे के पीछे से Saudi Arabia की अहम भूमिका बताई जा रही है। सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और ट्रंप के बीच हुई एक फोन बातचीत को इस समाधान की बड़ी वजह माना जा रहा है।
Middle East Eye की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने अमेरिका पर दबाव बनाया कि वह इजरायल से लेबनान में सीजफायर लागू करने को कहे। सऊदी ने तर्क दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी रखने के लिए लेबनान में शांति जरूरी है, इसलिए Benjamin Netanyahu पर दबाव डाला जाए। इसके साथ ही सऊदी अरब Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए मध्यस्थता की कोशिशों में भी जुटा हुआ है।
”सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने Donald Trump को समझाया कि Strait of Hormuz का लंबे समय तक बंद रहना सभी पक्षों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि होर्मुज को दोबारा खोलने और संघर्ष को खत्म करने के लिए Lebanon में सीजफायर बेहद जरूरी है, इसलिए Israel पर दबाव डाला जाना चाहिए।”
पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार…
MBS ने ट्रंप को समझाया
अरब और पश्चिमी अधिकारियों ने Middle East Eye को बताया कि Saudi Arabia के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने बुधवार को Donald Trump से फोन पर बात की और Lebanon में सीजफायर की अहमियत पर जोर दिया। इसका असर यह हुआ कि अगले ही दिन ट्रंप ने लेबनान में 10 दिन के सीजफायर का ऐलान कर दिया। कई अधिकारियों ने इसके पीछे सऊदी अरब की सक्रिय लॉबिंग को बड़ी वजह बताया है।
सऊदी और अमेरिकी नेतृत्व की बातचीत से वाकिफ एक पश्चिमी अधिकारी के मुताबिक, “मोहम्मद बिन सलमान चाहते हैं कि Strait of Hormuz फिर से खोला जाए। उन्होंने ट्रंप से कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने और युद्ध खत्म करने के लिए लेबनान में सीजफायर बेहद जरूरी है। ऐसे में Israel से हमले रोकने को कहा जाना चाहिए।”
बताया जा रहा है कि सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud और रक्षा मंत्री Khalid bin Salman अगले हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से मुलाकात कर सकते हैं।
लेबनान सीजफायर पर अब भी सवाल
अधिकारियों का कहना है कि अगर Israel पहले की तरह हमले नहीं करता और लेबनान में समझौता कायम रहता है, तो Iran और United States के बीच दूसरे दौर की वार्ता के सफल होने की संभावना बढ़ जाएगी। ईरान लगातार कहता रहा है कि लेबनान में सीजफायर उसके लिए एक अहम शर्त है।
इस बीच Donald Trump ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में Islamabad में बातचीत फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका के लिए Pakistan की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता में इस्लामाबाद ने अहम योगदान दिया है और वह खुद भी पाकिस्तान दौरे की योजना बना रहे हैं।
0 Comments