रांची: झारखंड में मॉनसून की विदाई के साथ ही बालू खनन पर लगी रोक की अवधि 15 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। इसके बाद 16 अक्टूबर से वैध बालू घाटों का संचालन शुरू होने की संभावना है। फिलहाल राज्य में केवल 14 बालू घाटों को ही सभी आवश्यक मंजूरियां मिल पाई हैं।
14 बालू घाटों को मिला सभी आवश्यक क्लियरेंस
बालू खनन पर रोक हटने के बाद राज्य में वैध बालू घाटों से खनन शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केवल 14 घाटों को ही सभी आवश्यक क्लियरेंस मिल पाए हैं। ऐसे में शुरुआती दौर में इन्हीं घाटों से खनन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, खनन शुरू होने के बाद बालू की उपलब्धता और बाजार में इसकी आपूर्ति किस तरह होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
जिन घाटों का टेंडर हुआ, वहां बालू नहीं होने की चर्चा
बालू घाटों के टेंडर को लेकर एक अहम सवाल भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि टेंडर हासिल करने वाले कुछ घाट ऐसे हैं, जहां पर्याप्त बालू उपलब्ध नहीं है। यदि इन घाटों पर बालू का भंडार ही नहीं है, तो वहां वैध तरीके से खनन कैसे किया जाएगा?
इसके अलावा, यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसे घाटों के निर्धारित हिस्से के लिए बालू की उपलब्धता कहां से सुनिश्चित की जाएगी। इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट हो सकेगा।
बालू की आपूर्ति और कीमतों पर रहेगी नजर
राज्य में बालू खनन दोबारा शुरू होने से निर्माण कार्यों के लिए इसकी उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने घाटों से नियमित खनन शुरू होता है और बाजार तक बालू की आपूर्ति कितनी सुचारु रहती है।
यदि सीमित संख्या में घाटों से ही खनन शुरू होता है, तो आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका भी बनी रह सकती है। ऐसे में आम लोगों, निर्माण कारोबारियों और भवन निर्माण से जुड़े लोगों की नजर खनन शुरू होने की प्रक्रिया पर रहेगी।
अब आगे क्या होगा?
15 अक्टूबर को रोक की अवधि समाप्त होने और 16 अक्टूबर से संभावित संचालन शुरू होने के बीच संबंधित विभागों की तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी। साथ ही, जिन घाटों में बालू की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि झारखंड में कितने वैध बालू घाटों से वास्तव में खनन शुरू हो पाता है और बालू की उपलब्धता, आपूर्ति तथा टेंडर से जुड़े सवालों पर विभाग क्या कदम उठाता है।