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रांची में दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर सख्ती, बिना सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी अनुमति; DC ने दिए 5 बड़े निर्देशर्य होगा। लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। 4. 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम – विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिसमें पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी। 5. विसर्जन घाटों पर NDRF तैनात रहेगी – विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए घाटों की सफाई और NDRF की तैनाती का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने सभी विभागों को सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और फायर ब्रिगेड की तैयारी समय पर पूरी करने को कहा है। बैठक में ADM लॉ एंड ऑर्डर, सिटी SP, ट्रैफिक SP, SDO सदर/बुण्डू, सिविल सर्जन, नगर निगम के अधिकारी और बिजली, पथ निर्माण, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों, बिजली व्यवस्था, साफ-सफाई, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पूजा समितियों को पंडाल के लिए अग्नि सुरक्षा और संरचनात्मक सुरक्षा से संबंधित प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। बिना आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र के किसी भी पंडाल को अनुमति नहीं दी जाएगी।

दुर्गा पूजा को लेकर उपायुक्त के 5 बड़े निर्देश

1. बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश

पूजा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक तैयारी करने को कहा गया। बड़े पूजा पंडालों में बिजली कर्मचारियों की तैनाती तथा विद्युत संबंधी खराबी को तुरंत ठीक करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

2. बिना सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी पंडाल को अनुमति

उपायुक्त ने सभी पूजा समितियों को अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और पंडाल की संरचनात्मक सुरक्षा (Structural Safety) से संबंधित प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन और आवश्यक प्रमाणपत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना पंडाल को अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य पूजा के दौरान आग लगने, पंडाल की संरचना से जुड़ी दुर्घटनाओं और अन्य संभावित जोखिमों को रोकना है।

3. हर पंडाल में लगेगा नशा मुक्ति का संदेश

इस बार दुर्गा पूजा के दौरान सभी पंडालों में नशा मुक्ति अभियान से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

4. 24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला स्तरीय कंट्रोल रूम

पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी। इसमें पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी शिकायत या आपात स्थिति पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

5. विसर्जन घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम

प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विसर्जन घाटों की साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया। संभावित अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए घाटों पर NDRF की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।

सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, साफ-सफाई और अग्निशमन सेवाओं की तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने को कहा। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में ADM लॉ एंड ऑर्डर, सिटी SP, ट्रैफिक SP, SDO सदर एवं बुंडू, सिविल सर्जन, नगर निगम के अधिकारी तथा बिजली, पथ निर्माण, पेयजल सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन के इन निर्देशों का उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना और प्रतिमा विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

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