Supreme Court (नई दिल्ली): ने धर्म परिवर्तन और अनुसूचित जाति (SC) के दर्जे को लेकर अहम टिप्पणी की है।
कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति का दर्जा संविधान के तहत निर्धारित श्रेणियों से जुड़ा है और यह विशेष रूप से हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि अन्य धर्म अपनाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को SC श्रेणी से जुड़े लाभों पर प्रभाव पड़ सकता है।
यह टिप्पणी जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारी की पीठ द्वारा एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस विषय से जुड़े प्रावधानों और लाभों का निर्धारण संविधान और संबंधित कानूनों के अनुसार किया जाता है।
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